Meri Kalam..... मेरी कलम से मेरा रिश्ता है पुराना , ये अच्छा है हमारा याराना मेरी कलम देती है मेरा साथ , वो कभी नही छोड़ती मेरा हाथ जब मैं कहूँ रुक तो वो रुक जाती है , जब मैं कहूँ लिख तो वो लिखती जाती है मेरी कलम है अच्छी , वो मेरी दोस्त है सच्ची मेरी कलम मेरा ईमान है , वही मेरा इनाम है मेरी कलम है मेरी शान , मैं उसका रखती हूँ मान देखती हूँ जब किसी के चेहरे पर मुस्कान , अपना बचपन याद आ जाता है लिखती हूँ अपनी कलम से कुछ , वो दिल को भा जाता है मेरी कलम कहती है हमसे , कभी दूर नही जाउंगी तुमसे मेरी कलम से मेरा रिश्ता है पुराना , ये अच्छा है हमारा याराना !!!!!
Poetries from my side...