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Showing posts from October, 2018

Meri Kalam.....

Meri Kalam..... मेरी कलम से मेरा रिश्ता है पुराना ,   ये अच्छा है हमारा याराना  मेरी कलम देती है मेरा साथ ,   वो कभी नही छोड़ती मेरा हाथ  जब मैं कहूँ रुक तो वो रुक जाती है ,   जब मैं कहूँ लिख तो वो लिखती जाती है  मेरी कलम है अच्छी ,   वो मेरी दोस्त है सच्ची  मेरी कलम मेरा ईमान है ,   वही मेरा इनाम है  मेरी कलम है मेरी शान ,   मैं उसका रखती हूँ मान  देखती हूँ जब किसी के चेहरे पर मुस्कान ,   अपना बचपन याद आ जाता है  लिखती हूँ अपनी कलम से कुछ ,   वो दिल को भा जाता है  मेरी कलम कहती है हमसे ,   कभी दूर नही जाउंगी तुमसे  मेरी कलम से मेरा रिश्ता है पुराना ,   ये अच्छा है हमारा याराना !!!!!

Sirf Tum....

Sirf Tum... तुम हो तो एक प्यारा सा एहसास है ,   तुम रह कर भी न हो तो रहती एक आस है  तुम्हारे नाम से जुड़ा है नाम मेरा ,    हर वक़्त ख्याल रहता है सिर्फ तेरा  तुमसे पहली बार प्यार हुआ ,   पहली बार ही प्यार का एहसास हुआ  तुमसे मिलने पर मिलता है सुकून ,   तुम ही बन गये हो मेरा जूनून तुम्हारे नाम का ही है असर ,   सोच लिया था तुम्हारे साथ ही ज़िन्दगी का सफ़र  तुम्हारे प्यार से मैंने प्यार कर लिया ,    एक ही तो दिल था जो मैंने तुम्हे दे दिया  सोच लिया था तुमसे है रिश्ता निभाना ,    पर ये नही सोचा की क्या बोलेगा ज़माना  सिर्फ तुम हो तो मैं हूँ ,   तुम नही तो मैं कुछ भी नही हूँ  तुम्हारे कदम से कदम मिला कर चलना ही तो ज़िन्दगी है ,    तुम्हारे साथ खुश रहना ही तो हर ख़ुशी है  तुम्हारे सपनो को पूरा करना ही तो ज़िन्दगी का मकसद है ,   बस एक तू ही तो मेरा हमदर्द है   तुम हो तो एक प्यारा सा एहसास है ,   तुम रह कर भी न हो तो रहती एक आस ...