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Showing posts from January, 2019

Aanath bacche.....

अनाथ बच्चे..... जन्नत मांगी खुदा से सबने,   हमने मांगे माँ-बाप है  हमारे पास घर भी नहीं है,    महलों की सबको आस है  न लोरी सुनाने वाली माँ,   न चॉक्लेट दिलाने वाले पापा है  बचपन से न देखा माँ-बाप को,   न पहचाना अपने आप को  माँ-बाप से दूरियां तकलीफ देती है,   बच्चो से खुशियां छीन लेती है  घूमते है पागल बनकर सड़को पर,   सोचते है माँ-बाप बिठा ले पलकों पर  पर ये तो सपना सा रह जाता है,    जब अनाथ होने का सच सामने आता है  जन्नत मांगी खुदा से सबने,   हमने मांगे माँ-बाप है  हमारे पास घर भी नहीं है,    महलों की सबको आस है !!!!!

Yaadon ki galiyon se.....

यादो की गलियों से.....  उन यादों की गलियों से एक दिन गुज़रे थे हम,   उन गलियों में भूल गए थे हम सारे गम  बचपन होता है इतना हसीन की गम याद नहीं रहता ,    बचपन में गलती करने पर भी कोई कुछ नहीं कहता  अब तो यादों की गलियों का रास्ता ही कुछ और है,   पर बचपन की गलियों की दास्ताँ ही कुछ और है यादो की गलियां , फूलो की कलियाँ अब तो एक जैसी लगती है ,    वो सारी मस्तियाँ वो कागज़ की कश्तियाँ अब जुदा सी लगती है  कुछ यादें दिल में है कुछ बातें दिल में है ,    कुछ बचपन की शरारतें दिल में है  यादों की गलियों में खुशियों का खज़ाना,  बारिश में मज़ा तो है आना  वो बारिश में कागज़ की कश्ती का डूब जाना,  फिर ढूढ़ते ढूढ़ते बारिश में भीग जाना  कितना सुकून है उन यादों की गलियों में,   न जाने कब वो वापस आएगी हमारी ज़िन्दगियों में  उन यादों की गलियों से एक दिन गुज़रे थे हम,   उन गलियों में भूल गए थे हम सारे गम !!!!!

Bahut Dino Baad.....

Bahut Dino Baad..... आज बहुत दिनों बाद एक कविता बनाई है ,    आज बहुत दिनों बाद कुछ बात  दिल में आई है  दिल की बातें पन्नो पर उतारना  आदत है मेरी,   दिल को समझना चाहत है मेरी  दिल ने कहा सोचा करो कम ,  क्योंकी  सोचते हो तुम तड़पते है हम  दिल ने आँखों से कहा देखा करो कम ,  क्योंकी देखते हो तुम सोचते है हम  ये दिल की बातें ,   ये आँखों की चाहत ये दिल का सोचना ,   ये आँखों का देखना  वो तेरी मेरी बातें,   वो मीठे मीठे पलो का याद आना अच्छा लगता है  वो दिल से बातें बताना सच्चा लगता है,   आज बहुत दिनों बाद एक कविता बनाई है    आज बहुत दिनों बाद कुछ बात  दिल में आई है   !!!!!