Skip to main content

Posts

Showing posts from February, 2018

Poetry On Maa...........P2

Poetry On Maa...........P2 माँ बिन जीवन है अधुरा ,   खाली - खाली सूना - सूना  दुःख में हमारे आँसू बहाती ,   ख़ुशी में हमारी खुश हो जाती  माँ त्याग है तपस्या है सियाही है ,  माँ परमात्मा की खुद एक गवाही है  माँ चिन्ता है याद है हिचकी है ,   माँ बच्चे की चोट पर सिसकी है  हमारे हर दर्द में दवा होती है माँ ,    कभी डाट देती है तो कभी गले लगा लेती है माँ  माँ बिन जीवन है अधुरा ,   खाली खाली सूना सूना !!!!!!!!!!!!

Holi....

Holi....होली  होली में है रंग - गुलाल,   सब रंग लगाते पीले - लाल  प्यार के रंग से भरो पिचकारी ,   सच के रंग से रंग दो दुनिया सारी  होली का मौसम में रंगों के सपने ,   सपनों के रंगों में भीगे सब अपने  आँगन  भर सजती रंगोली   मधुर बोली से भरेगी झोली  गमो को भुला कर ,  मनाओ होली  होली में है रंग - गुलाल,   सब रंग लगाते पीले - लाल!!!!!!!!!!!!!   

Dosti.........

Dosti......... दोस्त मिलते है कई इस जिंदगानी के सफ़र में ,    दोस्ती तोड़ो न कभी चाहे कश्ती डूबे झील में  हार  हो या जीत एक दुसरे का साथ दिया करते थे ,   हम तुम अपनी दोस्ती पर कितना इतराया करते थे  बचपन की दोस्ती में चाहत थी चाँद को पाने की ,   पर दिल तो तितली का दीवाना था  दोस्त छूट जाते है कहानी बनकर ,   पर दोस्ती की यादें रहती है अफ़साने बनकर  दोस्त मिलते है कई इस जिंदगानी के सफ़र में ,    दोस्ती तोड़ो न कभी चाहे कश्ती डूबे झील में !!!!!

Yaadein...........

Yaadein............ कश्ती है पुरानी मगर दरिया बदल गया ,    बस लोगो के देखने का नज़रिया बदल गया  टुटा हुआ फूल खुशबू दे जाता है जैसे ,    बिता हुआ पल यादें दे जाता है वैसे  यादें लिखावट होती तो मिट जाती ,   पर यादें तो ज़िन्दगी में बसा हुआ एक लम्हा बन जाती है  जब कोंई याद , यादें बन कर आती है ,    वो तो सिर्फ एक लम्हा बन कर रह  जाती  है  कश्ती है पुरानी मगर दरिया बदल गया ,    बस लोगो के देखने का नज़रिया बदल गया  साथ नही देता अकेले में कोंई ,    पर जो अकेले में भी साथ निभाए वो होती है  यादें  बस यादें   सिर्फ यादें    और यादें !!!!!!!!!!

FAMILY...........

FAMILY............ अपनेपन की बगिया है ,    है खुशियों का दरबार  एक सुखी परिवार ,    ज़िन्दगी का रास्ता दिखलाये  बापू की फटकार ,     बहु जहाँ बन जाये बेटी  होता स्वर्ग वहा साकार ,   अपनेपन की बगिया है  एक सुखी परिवार ,     जैसे समाया हो इन दीवारों में मेरा पूरा संसार  मेरी इज्ज़त मेरा विश्वास है मेरा परिवार ,    अपनेपन की बगिया है   एक सुखी परिवार !!!!!!!!! 🙂 🙂 🙂 🙂 🙂 🙂 🙂

Ek Kinara.........

Ek Kinara......... एक दरिया था एक किनारा था ,    घर था कच्चा मगर हमारा था  एक नदी थी दोनों किनारों को थाम के ले जाती थी ,     तोडती तो सैलाब आ जाता  करवट लेती तो ज़मीन बह जाती ,    एक किनारा दुसरे किनारे से मिलता नही कभी  दुःख में तो साथ छोड़ देते है सभी ,    दो किनारों से मिल कर बनता है समुंदर  जग में उजाला फैलता है अम्बर ,    एक दरिया था और एक किनारा था  घर था कच्चा मगर हमारा था !!!!!!!!!!!!     

Poetry On Ek Adhuri Khawahish.........

Ek Adhuri Khawahish......... एक खवाहिश है अधूरी सी ,    कुछ बातें है बाकि  कुछ पूरी है तो कुछ है अधूरी सी ,    मैं नासमझ ही सही पर वो तारा हूँ  जो एक खवाहिश के लिए सौ बार टूट जाये ,    खावाहिशो को मिल जाता है घर  कुछ खवाहिशे हो जाती है बेघर ,     हसरत पूरी न हो न सही  पर खवाहिशे करना कोंई गुनाह तो नही ,    ऐ -उठते हुए खावाहिशो का जलजला  ये वक़्त जरा थम के चला !!!!!!!!!! 😊😊

Poetry On Bachpan........

Poetry On Bachpan........ ए क बचपन का ज़माना था ,     जिसमे खुशियों का खज़ाना था  हर खेल में साथी थे ,    हर रिश्ता निभाना था  नन्हा सा प्यारा सा वो बचपन ,                       ज़िन्दगी का एक टुकड़ा बचपन  न किसी के आने की ख़ुशी ,    न किसी के जाने गम  थक - हार के आना स्कूल से  ,     पर खेलने भी जाना था  झूठ बोलते थे फिर भी सच्चे थे हम ,      ये उन दिनों की बात है जब बच्चे थे हम  एक बचपन का ज़माना था ,      जिसमे खुशियों का खज़ाना था !!!!!!!!!

Poetry On Happiness..........

Poetry On Happiness.......... खुशियाँ कम अरमान बहुत है ,                                       जिसे भी देखिये यहाँ हैरान बहुत है     कहते है सच का कोंई साथी नही ,                  आज तो झुठ की आन बान बहुत है  खुशियाँ बरसे सब पर जैसे बारिश की फुहारे ,            ख़ुशी में झूमे सारे जैसे रात में चाँद संग सितारे , ख़ुशी में रहे सब साथ        सब पकडे रहे एक दुसरे का हाथ , खुशियाँ कम अरमान बहुत है       जिसे भी देखिये यहाँ हैरान बहुत है !!!!!!!!!!!!!

Poetry On Life......

Poetry On Life......                                    ज़िन्दगी यू थमी सी  लगती है , आँखों  में नमी सी लगती है    कुछ है जो खो गया है , या पाने की तमन्ना है     देखो तो ख्वाब है ये ज़िन्दगी , पढो तो किताब है ये ज़िन्दगी      सुनो तो ज्ञान है ये ज़िन्दगी , और हँसो तो एहसान है ये ज़िन्दगी       ज़िन्दगी साइकिल की जैसी है सवारी , हर वक़्त सभंलने की बेकरारी      मौत से पहले की दास्तान बताती है ये ज़िन्दगी , हर किसी को जन्नत - जहाँनुम से रूबरू कराती है ये ज़िन्दगी    ज़िन्दगी यू थमी सी लगती है , आँखों में नमी सी लगती है !!!!!!!!! 

Poetry On Daughter

Poetry On Daughter.........                भगवान का दिया वरदान है बेटियाँ ,        माता पिता का आत्मसम्मान - है बेटियाँ  दो घर जिसने किया रोशन ,   वो दीप है बेटियाँ ओस की बूंदों की तरह होती है बेटियाँ ,     माँ बाप की दुलारी होती है बेटियाँ  क्यों  देखते है दो निगाहों  से इन्हें ज़माने वाले ,   किसी भी मकान  को घर बनाती है बेटियाँ  कहती बेटी बनाये पसार ,    मुझे चाहिए प्यार दुलार  न जाने कब समझोगे जहाँ वाले ,    की बेटियाँ घर में बहार लाती है  न मारो इन्हें बस यही है इन्तेज़ा ,         ये अवतार है संस्कार लाती है !!!!!!!!!           

Papa.....( पिता

   Poetry On Father....... P1 कभी अभिमान तो कभी स्वाभिमान है पिता ,      जन्म देती है माँ पर  जिससे जानेगा जग वो पहचान है पिता ,   माँ तो कह देती है अपने दिल की बात  सब कुछ समेट कर अकेले है पिता , पिता से परिवार में है प्रतिपल राग है  पिता से ही माँ का बिंदी और सुहाग है ,    मेरा साहस मेरी इज्ज़त मेरा सम्मान है पिता  मेरी ताकत मेरी पूंजी मेरी पहचान है पिता ,   माँ घर का गौरव है  तो पिता घर का आस्तिव होते है , सारी ख़ुशी मिल जाती है जब मिल जाता है पापा का प्यार  मेरे चेहरे को मुस्कान मिल जाती है , जब मिल जाता है पापा का प्यार!!!!!!

Maa__.(माँ) |

Sweet Poem on mother..... P1 माँ का आँचल सबसे प्यारा, माँ की आखों का बच्चा है तारा, जब दर्द होता है तो याद आती है माँ, खुद भूखी रहे कर बच्चो को खिलाती है माँ, बेटा हो या बेटी जन्म देती है माँ, असर नही करती कोंई भी बद्दुआ, जब साथ रहती है माँ की दुआ, पर ये जानते हैं की , दो-दो कुलों की लाज होती है बेटियाँ, धूप में भी छाओं बनकर रहती है माँ, माँ को न दो कभी दर्द, माँ की करो इज्ज़त, माँ को गले से लगा कर, सारे गमो को भुला कर, माँ रहे जिंदिगी भर साथ, सदा बना रहे सर पर माँ का हाथ __