बेटी की बिदाई..... बेटी की बिदाई पर पापा से ज़्यादा कोई नहीं रोता, बेटी से बिछड़ने का दुःख पापा को सबसे ज़्यादा है होता बेटी पिता की शान होती है, बेटी पिता का मान होती है उस पिता के दिल से तो पूछो, रात दिन जो यही सोचता है माँग बिटिया की कैसे भरेगी, बिदाई के वक़्त आँखें पहले पापा की नम होती है बिदाई उस बेटी की वो कैसे देखें, जो बचपन में उनकी गोद में सर रख कर सोती है जेब खली रहने पर भी बेटी की खवाइश पूरी करते है पापा, अपने दुःख को छुपा कर बच्चो के लिए हसते है पापा बेटी की बिदाई पर पापा से ज़्यादा कोई नहीं रोता, बेटी से बिछड़ने का दुःख पापा को सबसे ज़्यादा है होता !!!!!
Poetries from my side...