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Showing posts from June, 2019

Beti ki bidai.....

बेटी की बिदाई..... बेटी की बिदाई पर पापा से ज़्यादा कोई नहीं रोता,   बेटी से बिछड़ने का दुःख पापा को सबसे ज़्यादा है होता  बेटी पिता की शान होती है,   बेटी पिता का मान होती है   उस पिता के दिल से तो पूछो, रात दिन जो यही सोचता है   माँग बिटिया की कैसे भरेगी, बिदाई के वक़्त आँखें पहले पापा की नम होती है   बिदाई उस बेटी की वो कैसे देखें, जो बचपन में उनकी गोद में सर रख कर सोती है    जेब खली रहने पर भी बेटी की खवाइश पूरी करते है पापा, अपने दुःख को छुपा कर बच्चो के लिए हसते है पापा     बेटी की बिदाई पर पापा से ज़्यादा कोई नहीं रोता,   बेटी से बिछड़ने का दुःख पापा को सबसे ज़्यादा है होता !!!!!

Jealousy......

Jealousy...... जलन न कर अपनों से ,   न अपनों से कर कोई बैर  खुश हो जाते है बाहरवाले ,  जिन्हे कहते है गैर  अपनों से जलना कोई बात  नहीं  होती,   जलन की  कोई  औकात नहीं होती  जलन से आती है अपनों में दूरियाँ ,   फिर तो रह जाती है सिर्फ मजबूरियाँ  अपनों से जलन रख कर कुछ अच्छा नहीं होता ,   और ऐसा इंसान कभी सच्चा नहीं होता  अपनों से जलन ज़्यादा दर्द देती है ,    इस जलन में कोई मंज़िल नहीं मिलती है जलन न कर अपनों से ,   न अपनों से कर कोई बैर  खुश हो जाते है बाहरवाले ,  जिन्हे कहते है गैर !!!!!!