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Papa ki Pari.....

पापा की परी..... पापा की  परी  बन कर आसमान में उड़ती है बेटियाँ,   न कोई बंदिशें न कोई रुकावटे होती है  बस हम, पापा का प्यार और आज़ादी होती है,   गलती करने पर पापा थोड़ा गुस्साते है  पर मन ही मन वो ही सबसे ज़्यादा प्यार जताते है, कंधे पर बैठा कर पूरी दुनिया घूमाते है   ऊँगली पकड़ कर पापा ही चलना सिखाते है, रोटियां जली हो या सब्जी कच्ची हो   फिर भी पापा को उस खाने में स्वाद लगता है, क्योंकी वो खाना बेटियों के हाथों से बना होता है     पापा ही तो है जो बेटियों  के हर नखरे उठाते है,   पापा ही तो है जो बेटियों को  परी  कह कर बुलाते है  अपने लिए एक जोड़ी कपडे भी न लाते वो, और बेटी के जन्मदिन पर ऐसा लगता है                                       कि पूरी बाजार ही उठा लाये है,  ऐसे होते है पापा !!!!!
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Dogli duniya.....

 दोगली दुनिया..... दोगली दुनिया है,   मतलब का  संसार है  यहाँ मतलब के लिए, हर किसी को एक दूसरे से प्यार है मतलब पड़ने पर तू मेरा यार है,   उसके बाद तेरी मेरी दोस्ती बेकार है  शायद यही ज़िंदगी की रीत है,   और इसी पर सबको  एतबार है  यहाँ कहने को तो सब अपने है,   पर मुखौटा सबने पहना होता  है  चलने को तो  साथ  सब  चल   लेते है,   क्योंकि ये सच का चोला सबने ओढ़ा  होता है  मुसीबत में जो साथ खड़ा हो,   वो सच्चा यार है  मतलब तो मतलब पड़ने पर है,  वरना ये दुनिया ही बेकार है तू मेरा यार है,    मैं तेरा यार हूँ  ये शब्द सुनने में तोअच्छे  लगते  है,   आती है जब इंसानियत की बारी  तो यही शब्द कानों में चुभने लगते है !!!!! 

Ek cup chai....

 एक कप चाय..... एक कप चाय भी नसीब नहीं होती साथ में,   और ज़िन्दगी साथ बिता रहे है  कभी कभी ऐसा लगता है,   की फूल बन कर काँटों के बीच मुस्कुरा रहे है  एक कप चाय भी नसीब नहीं होती साथ में,   बस एक दूसरे का साथ दिए जा रहे है  कभी कभी तो तन्हा ही मुस्कुरा लेते है,   बस यू हीं ज़िंदगी जिए जा रहे है  एक कप चाय भी नसीब नहीं होती साथ में,   बस एक दूसरे को देख कर मुस्कुराये जा रहे है  ज़रूरतें तो सारी पूरी होती है,   बस ख्वाशियों को दिल में दबाए जा रहे है  एक कप चाय भी नसीब नहीं होती साथ में,   और सपने संजोये जा रहे है  फुरसत तो चाय पीने की भी नहीं है,   और सपने कॉफ़ी कैफ़े के सजाये जा रहे है !!!!!

Kuch to log khenge.....

 कुछ तो लोग कहेंगे..... कुछ तो लोग कहेंगे,   लोगो का काम है कहना  उनकी बातों पर ध्यान न देकर, बस आप खुश रहना  ज़िन्दगी का ये सिलसिला तो यूं ही चलता जायेगा,   कोई हारता ही जायेगा तो कोई जीत भी पायेगा  इन मुश्किलों को जो पार कर जाएगा,   वही आगे बढ़ता जायेगा  लोग कमियां तो निकालेंगे ही,   लोगो का काम यहीं है  आप उन कमियों को दूर करे,   ये आपके लिए सही है  लोगो को खूबियां नहीं कमियां दिखती है,   पर खूबियां ही है जो बाज़ार में बिकती है  उन कमियों को दूर करना,   आपके लिए एक चुनौती बन जाती है  और जब ये जूनून बन कर आपके सर पर चढ़  जाती है  ,     तो आपको सफलता भी मिल जाती है !!!!!  

Ek Ladki.....

एक लड़की ...... इंसानियत इंसान दिखाते है,   हैवानियत हैवान  दरिंदगी दरिंदे दिखाते है,   और मनमनाइयाँ मनचले  फिर भी बदनाम लड़कियां हो जाती है,   कोई कहता है छोटे कपडे पहनती है  कोई कहता है रात में पार्टी में जाती है,   कोई ये क्यों नहीं कहता की उन्हें भी जीने का हक़ है  लड़कियां भी तो इंसान है,   फिर भी हर किसी को उन पर ही शक है  सारा जमाना लड़कियों को ही कहता है,  गलत हो जाने पर उनके परिवार पर ही पत्थर फेंकता है  बेटो को घर का चिराग कहने वाले लोग, ये क्यों नहीं कहते की घर की रोशनी तो बेटियाँ होती है  पर लोग ये क्यों भूल जाते है,   उस चिराग को रोशन तो एक लड़की ने ही किया है  जिसने हर दर्द सह कर भी,   हर इल्ज़ाम अपने ऊपर लिया है !!!!!

Aaj ki sham guzri tasty maggi ke sath.....

 आज की शाम गुज़री एक टेस्टी मैग्गी के साथ..... आज की शाम गुज़री एक टेस्टी मैग्गी के साथ,   जिसको खाते हुए कुछ बातें हुई  और स्कूल के दिनों की यादों से,   कुछ मुलाकातें हुई  फिर आज की शाम गुज़री एक टेस्टी मैग्गी के साथ,   और वैसे भी मुझे  मैग्गी से कभी शिकयत नहीं हुई,   की वो कभी दो मिनट में तैयार क्यों नहीं हुई बात कड़वी है पर है तो सच,   की मैग्गी कभी  दो  मिनट में तैयार नहीं हुई  फिर जब मैग्गी बैन हुई थी तो सोचा,    अब ये सुबह शाम और सब दिन किसके सहारे गुज़रेंगे  तो आज की मैग्गी इतनी टेस्टी थी की,    इतनी सारी बातें हो गयी  और इस दिन को कुछ नई,   यादें दे गयी !!!!!!! 

Bhai.....

भाई.....  भाई तुम मुझसे छोटे ज़रुर हो,   पर तुम मेरा गुरूर हो  पापा के सर का ताज हो तुम,   रक्षाबंधन की लाज हो तुम  हर रक्षाबधन पर तुम्हे राखी बांधना,   और गिफ्ट के नाम पर मम्मी से पैसे माँगना  आज बहुत याद आता है,   और यही वो दिन है जो मुझे रुलाता है  बहाने से तुम्हे पढ़ा देना,   और फिर धीरे से तुम्हे सुला देना  ये सब यादें ही रह गयी है,   और ये पुरानी यादें ही  मुझसे बहुत कुछ कह जाती है,   भाई तुम मुझसे छोटे ज़रुर हो   पर तुम मेरा गुरूर हो !!!!!