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Showing posts from May, 2021

Kuch hua to zaroor hoga.....

 कुछ हुआ तो ज़रूर होगा..... कुछ हुआ तो ज़रूर होगा,   जो तुम्हे  मैं  पसन्द आई  कुछ दिल ने कहा तो ज़रूर होगा,   जो तुम्हे मैं पसन्द आई  कुछ हुआ तो ज़रूर होगा,   जो तुम ख्यालों में डूबने को मजबूर हो गए  कुछ हुआ तो ज़रूर होगा,   जो तुम हमारी  यादों  में इतना मशरूफ हो गए  कुछ हुआ तो ज़रूर होगा,   जब देखा तुमने मुझे पहली बार  कुछ दिल ने कहा तो ज़रूर होगा,   जो तुम सोचते रहे ख्यालों में हर बार    कुछ हुआ तो ज़रूर होगा,   जब पहली बार प्यार का एहसास हुआ होगा दिल ने कुछ कहा तो ज़रूर होगा,   जब पहली बार अपने नाम के साथ मेरा नाम जोड़ा होगा !!!!!

Akhiri Saanse.....

 आखिरी साँसें ..... आखिरी साँसें ले रही हूँ तेरी बाँहों में,   अब पता नहीं कब मुलाक़ात हो किन राहों में  यही तो आखिरी तमन्ना थी मेरी,   की मरु मैं तो तेरी  बाँहों  का सहारा हो  और मरते दम तक साथ हमारा हो, आखिरी साँसें ले रही हूँ तेरी बाँहों में   बस कुछ ही देर में आँखे बंद होने  वाली  है,  रो मत मेरी जान   बस हमारी मुलाक़ात फिर से होने वाली है, आखिरी साँसें ले रही हूँ तेरी बाँहों में   यही तो आखिरी खवाइश थी मेरी, बन के मरु तेरी दुल्हन मैं    ये भी तो आखिरी चाहत थी मेरी, आखिरी साँसें ले रही हूँ तेरी बाँहों में   जी ले इस पल को मेरे साथ, अगले ही पल साथ छूट जायेगा हमारा    फिर कैसे पकड़ेंगे हम एक दूसरे का हाथ, आखिरी साँसें ले रही हूँ तेरी बाँहों में   मुझे अपने से जुदा न होने दे, रोक ले मुझे मेरी जान    ये साँसे रुकने से पहले, मुझे अपने से खफा न होने दे !!!!!         

Jis din tera vishwas dagmaga gya.....

 जिस दिन तेरा विश्वास डगमगा गया.....  जिस दिन तेरा विश्वास डगमगा गया,   उस दिन रिश्ते संभाल नहीं पाओगे  जब होश आएगा तुम्हे,   बस पछताते ही रह जाओगे  जिस दिन तेरा विश्वास डगमगा गया,   विश्वास की डोर भी टूट जाएगी  और तेरी हिम्मत भी तुझसे रूठ जाएगी,   और तेरी आत्मा भी खुद को अकेला पायेगी  जिस दिन तेरा विश्वास डगमगा गया,   उस रिश्ते की नींव हिल जाएगी  वो डोर तो दोबारा जुड़ जाएगी,   पर उसमे एक गांठ हमेशा रह जाएगी  जिस दिन तेरा विश्वास डगमगा गया,   तू अकेला ही रह जायेगा  इस भीड़ भरी दुनिया में,   बस भटकता ही रह जायेगा  जिस दिन तेरा विश्वास डगमगा गया,   तू प्यार भरे रिश्तो को खो देगा  तू अकेला ही रह जायेगा,   और पल भर में ही रो देगा  जिस दिन तेरा विश्वास डगमगा गया,    तू रिश्तो को बाँध नहीं पायेगा  सारे रिश्ते बिखर जायेंगे,   और बस तू पछताता ही रह जायेगा !!!!!   

Dard....

 दर्द..... दर्द देने वाला ही दवा बन जाता है,   दर्द कितना भी दे वो  पर सुकून फिर भी वही बन जाता है,   आँसुओं की वजह तो बनता वही है  पर ख़ुशी का पल भी वही लाता है,    दर्द देने वाला ही दवा बन जाता  है  आँसुओं की कश्ती पर बैठाल देता है,   फिर खुद ही उस कश्ती को पर लगाता है  और फिर प्यार भरे लम्हो को,   बहुत प्यार से सजाता है गुस्से में चाहे कितना कुछ कहे दे वो,   पर एक ही पल में गुस्सा शांत हो जाता है  जब वो मुझे गले से लगाता है,   दर्द देने वाला ही दवा बन जाता है  दर्द कितना भी दे वो मुझे,   पर चोट उससे खुद भी लगती है  मान तो वो पल भर में ही जाता है,   नाराज़ कितना भी हो वो  मुझसे  दर्द देने वाला ही दवा बन जाता है,   दर्द कितना भी दे वो  पर सुकून फिर भी वही बन जाता है,  

Ishq....

इश्क़.....  इश्क़ ! क्या है ये इश्क़,   क्या ये दो लोगो के बीच  का सिर्फ प्यार है  या फिर ये दो लोगो के बीच का सिर्फ इकरार है,   आखिर है क्या ये इश्क़  अब मैं क्या बताऊ की आखिर है क्या ये इश्क़,   कमब्खत दर्द भी देता है और सुकून भी  लोग कहते है जो इश्क़ में रोता है,   उसकी आहट भी नहीं सुनाई देती  तो ये इश्क़ का शोर इतनी दूर तक कैसे होता है,   ये इश्क़ है बड़ी कमब्खत चीज़  ऐसा शोर उठता है दिल में,   जिसे खुद छोड़ कर सारा जमाना पहचान लेता है  हम तो बस हाथ की कठपुतली है,   कभी ये इश्क़ नचाता है तो कभी ऊपरवाला  पर अगर इस नाच के खेल में,   कोई हमसफ़र मिल जाता है  तो इश्क़ मुक्कमल हो जाता है,   लोग कहते है इश्क़ के राज बड़े गहरे होते है  पर ये गहरे राज ही तो गहरे निशान छोड़ जाते है,   इश्क़ एक ख़ूबसूरत मंज़िल भी है  और न मिलने वाला रास्ता भी,   बस ये समझ लीजिये  जनाब  की मंज़िल को पाने के लिए मुश्किलें बहुत है  और मंज़िल मिलने पर सुकून का अपना ही मज़ा है,   बस इतना ही है ये इश्क़ !!!...