Jealousy......
जलन न कर अपनों से ,
न अपनों से कर कोई बैर
खुश हो जाते है बाहरवाले ,
जिन्हे कहते है गैर
अपनों से जलना कोई बात नहीं होती,
जलन की कोई औकात नहीं होती
जलन से आती है अपनों में दूरियाँ ,
फिर तो रह जाती है सिर्फ मजबूरियाँ
अपनों से जलन रख कर कुछ अच्छा नहीं होता ,
और ऐसा इंसान कभी सच्चा नहीं होता
अपनों से जलन ज़्यादा दर्द देती है ,
इस जलन में कोई मंज़िल नहीं मिलती है
जलन न कर अपनों से ,
न अपनों से कर कोई बैर
खुश हो जाते है बाहरवाले ,
जिन्हे कहते है गैर !!!!!!

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