Poetry On Daughter.........


भगवान का दिया वरदान है बेटियाँ ,
माता पिता का आत्मसम्मान - है बेटियाँ
दो घर जिसने किया रोशन ,
वो दीप है बेटियाँ
ओस की बूंदों की तरह होती है बेटियाँ ,
माँ बाप की दुलारी होती है बेटियाँ
क्यों देखते है दो निगाहों से इन्हें ज़माने वाले ,
किसी भी मकान को घर बनाती है बेटियाँ
कहती बेटी बनाये पसार ,
मुझे चाहिए प्यार दुलार
न जाने कब समझोगे जहाँ वाले ,
की बेटियाँ घर में बहार लाती है
न मारो इन्हें बस यही है इन्तेज़ा ,
ये अवतार है संस्कार लाती है !!!!!!!!!
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