Poetry On Bachpan........
एक बचपन का ज़माना था ,
जिसमे खुशियों का खज़ाना था
हर खेल में साथी थे ,
हर रिश्ता निभाना था
नन्हा सा प्यारा सा वो बचपन ,
ज़िन्दगी का एक टुकड़ा बचपन
न किसी के आने की ख़ुशी ,
न किसी के जाने गम
थक - हार के आना स्कूल से ,
पर खेलने भी जाना था
झूठ बोलते थे फिर भी सच्चे थे हम ,
ये उन दिनों की बात है जब बच्चे थे हम
एक बचपन का ज़माना था ,
जिसमे खुशियों का खज़ाना था !!!!!!!!!


Bahut badhya
ReplyDeleteGood nice line
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