Poetry On Happiness..........
खुशियाँ कम अरमान बहुत है ,
जिसे भी देखिये यहाँ हैरान बहुत है
कहते है सच का कोंई साथी नही ,
आज तो झुठ की आन बान बहुत है
खुशियाँ बरसे सब पर जैसे बारिश की फुहारे ,
ख़ुशी में झूमे सारे जैसे रात में चाँद संग सितारे ,
ख़ुशी में रहे सब साथ
सब पकडे रहे एक दुसरे का हाथ ,
खुशियाँ कम अरमान बहुत है
जिसे भी देखिये यहाँ हैरान बहुत है !!!!!!!!!!!!!

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