Poetry On Maa...........P2
माँ बिन जीवन है अधुरा ,
खाली - खाली सूना - सूना
दुःख में हमारे आँसू बहाती ,
ख़ुशी में हमारी खुश हो जाती
माँ त्याग है तपस्या है सियाही है ,
माँ परमात्मा की खुद एक गवाही है
माँ चिन्ता है याद है हिचकी है ,
माँ बच्चे की चोट पर सिसकी है
हमारे हर दर्द में दवा होती है माँ ,
कभी डाट देती है तो कभी गले लगा लेती है माँ
माँ बिन जीवन है अधुरा ,
खाली खाली सूना सूना !!!!!!!!!!!!

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