Maafi..............
आँखों के परदे भी नम हो गये ,
वक़्त बुरा था या बुरे हम हो गये
माफ़ी माँगने से कोंई नही होता छोटा ,
न झुकने वाला है बाद में रोता
कोंई बन कर नही आता फरिश्ता ,
माफ़ कर देने वाला निभाता है रिश्ता
माफ़ करना नही होता आसान ,
पर जिसको माफ़ किया उसका करते है सम्मान
माफ़ करने से दिल को मिलता है सुकून ,
माफ़ करने वाले के अंदर होता है रिश्ते निभाने का जूनून
आखोँ के परदे भी नम हो गये ,
वक़्त बुरा था या बुरे हम हो गये !!!!!!!!!!!

👌👌👌
ReplyDelete