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Poetry On Appke Liye Sochti Thi, Aapke Liye Sochti Hu, Aapke Liye Sochungi....................

Appke Liye Sochti Thi, Aapke Liye Sochti Hu, Aapke Liye Sochungi....................




आप दूर थे तो आपके लिए सोचती थी ,
 आप कहते थे की तुम्हारा हाथ कभी नही छोङूगा
      आप कहते थे की तुम्हारा साथ हमेशा दूंगा ,
आप दूर थे तो आपकी याद साथ थी
   तब आपकी याद में आपके लिए सोचती थी ,
आपके साथ होने पर भी आपके लिए सोचती हूँ
    आप बोलते हो तो सुनती हूँ ,
      बस आपके लिए सोचती हूँ
अक्सर अकेले में खुद से सिर्फ आपकी बातें करती हूँ ,
  और मैं कहती हूँ की मैं सिर्फ और सिर्फ आपके लिए ही सोचती हूँ
      इस ज़िन्दगी में आपके लिए है सोचना ,
           आपको आगे बढ़ने से नही है रोकना
मैं अक्सर कहती हूँ मेरे साथ रहना
  और आप अक्सर कहते हो I am Always with you ,
            कभी कभी वो रूठ कर एक दुसरे को मनाना अच्छा लगता है ,
       रूठ कर फिर नखरे दिखाना अच्छा लगता है
   पर ये जो  मोहब्बत है ,    
   न जाने क्यों भगवान से ऊपर हो जाती है
      और ये मोहब्बत आपको खोने का डर  सताने लगती है ,
              आज जब आप मेरे साथ है
तो आपके साथ आगे बढ़ना अच्छा लगता है ,
              और जब आप दूर थे तो आपके लिए सोचती थी
आज आप पास है तो आपके लिए सोचती हूँ ,
         आप ज़िन्दगी भर साथ हो फिर भी आपके लिए ही सोचूंगी !!!!!!!!!!!!!

     

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