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School Ke Din ................

School Ke Din ................




स्कूल के दिन भी कितने थे अच्छे ,
   क्यों की  उस समय हम सब थे बच्चे 
छुट्टी के बाद दोस्तों के साथ खाते थे बर्फ का गोला ,
  फिर पीते थे साथ में कोका - कोला 
खुश हो जाते थे हम स्कूल की छुट्टी में ,
   ऐसा लगता था सारा संसार है हमारी मुट्ठी में 
दोस्तों से टिफिन छीन कर खाना अच्छा लगता था ,
   सारा जहाँ सच्चा लगता था 
स्कूल टाइम नही समझ आता था दोस्ती का मोल ,
    अब लगता है दोस्ती होती है अनमोल 
स्कूल की वो शैतानियाँ  याद आती है अब ,
    अब सोचते है शैतानियाँ करने को मिलेंगी कब 
स्कूल की वो शैतानियाँ ,
    करते थे अपनी ही मनमानिया 
स्कूल के दिन भी कितने थे अच्छे ,
   क्यों की  उस समय हम सब थे बच्चे  !!!!!!!!!!

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 जिस दिन तेरा विश्वास डगमगा गया.....  जिस दिन तेरा विश्वास डगमगा गया,   उस दिन रिश्ते संभाल नहीं पाओगे  जब होश आएगा तुम्हे,   बस पछताते ही रह जाओगे  जिस दिन तेरा विश्वास डगमगा गया,   विश्वास की डोर भी टूट जाएगी  और तेरी हिम्मत भी तुझसे रूठ जाएगी,   और तेरी आत्मा भी खुद को अकेला पायेगी  जिस दिन तेरा विश्वास डगमगा गया,   उस रिश्ते की नींव हिल जाएगी  वो डोर तो दोबारा जुड़ जाएगी,   पर उसमे एक गांठ हमेशा रह जाएगी  जिस दिन तेरा विश्वास डगमगा गया,   तू अकेला ही रह जायेगा  इस भीड़ भरी दुनिया में,   बस भटकता ही रह जायेगा  जिस दिन तेरा विश्वास डगमगा गया,   तू प्यार भरे रिश्तो को खो देगा  तू अकेला ही रह जायेगा,   और पल भर में ही रो देगा  जिस दिन तेरा विश्वास डगमगा गया,    तू रिश्तो को बाँध नहीं पायेगा  सारे रिश्ते बिखर जायेंगे,   और बस तू पछताता ही रह जायेगा !!!!!