2016.....
बड़ी मुश्किल थी उससे अपने दिल की बात कहना ,
पर दिल ने मजबूर कर दिया
सोचा नहीं था कभी खवाबो में की वो मेरे साथ होगा ,
उसका हमसे प्यार जाताना
घर न जाने के बहाने बनाना ,
न जाने क्यों दिल को अच्छा लगता था उसके साथ वक़्त बिताना
प्यार होते हुए भी एहसास न हुआ मुझे,
चली गयी मैं तनहा छोड़ कर उसे
दिल में चिंता मेरे भी थी ,
आँखों में नमी मेरे भी थी
पर चेहरे पर लायी नहीं ,
मैंने सोचा बहुत था फिर न मिला
फोन किया उसको मैंने ,
पर मुँह से आवाज़ नहीं आयी
वो रोता रहा उधर मैं रोती रही इधर ,
दोनों को कहना बहुत कुछ था पर कोई कह न सका
बनाया नहीं था कभी मैंने सॉरी कार्ड,
न लिखी थी शायरी किसी के लिए
पर बनाया मैंने सॉरी कार्ड ,
और उसमे लिख डाली दिल की हर एक बात
दोस्तों का हमे एक दूसरे को लेकर चिढ़ाना अच्छा लगने लगा था ,
जब जोड़ता था कोई उसके नाम से मेरा नाम वो भी सच्चा लगने लगा था
डर सताने लगा था की वो चला न जाये मुझसे दूर ,
मैं घबराई दिल भी घबराया ,
फिर बोल ही दी मैंने दिल की बात
मैंने बोला तो उसने भी किया अपने प्यार का इज़हार ,
दिल की हर एक धड़कन में अब बस वो है
वो जुनून है मेरा वो सुकून है मेरा ,
वो ज़मी है मेरी वो आसमा है मेरा
वो हँसी है मेरी वो खुशी है मेरी,
और क्या कहुँ क्या लिखुँ वो मेरा गुरुर है वो ही मेरा सुकून है
बड़ी मुश्किल थी उससे अपने दिल की बात कहना ,
पर दिल ने मजबूर कर दिया !!!!!
Osm 👍
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