दूरियाँ.....
ये दूरियाँ रुलाती बहुत है,
ये दूरियाँ तड़पाती बहुत है
तेरी याद सताती बहुत है,
तेरी मुस्कान हसाती बहुत है
चार दिन की जुदाई है,
पर लगते चार साल है
तुमसे दूर रहने का दर्द भी है,
नमी है मेरी आँखों की
ये न कोई बरसात है,
ये तो मेरे दिल के जज़्बात है
तुम पास नहीं तो कोई आस नहीं,
तुम्हारे रहने की ख़ुशी है
तुम साथ हो चेहरे पर हसीं है,
ये दूरियाँ रुलाती है बहुत है,
ये दूरियाँ तड़पाती बहुत है

Ye duriyaan... (y)
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