मंज़िल.....
मंज़िल तो मिलनी ही है डर किस बात का है,
मुश्किलें तो आनी ही है शक किस बात का है
रास्ते अच्छे भी है बुरे भी,
काम अधूरे भी है पूरे भी
मंज़िल नहीं मिलती आसानी से,
मेहनत करनी पड़ती है मनमानी से
मंज़िल तक पहुँचना जूनून है,
मंज़िल पा लेने में ही सुकून है
जैसे कुछ पाने के लिए कुछ खोना पड़ता है,
वैसे मंज़िल पाने के लिए रोना पड़ता है
मंज़िल दूर हो या पास,
पर उससे जुडी तो रहती है आस
मंज़िल तो मिलनी ही है डर किस बात का है,
मुश्किलें तो आनी ही है शक किस बात का है !!!!!
मंज़िल तो मिलनी ही है डर किस बात का है,
मुश्किलें तो आनी ही है शक किस बात का है
रास्ते अच्छे भी है बुरे भी,
काम अधूरे भी है पूरे भी
मंज़िल नहीं मिलती आसानी से,
मेहनत करनी पड़ती है मनमानी से
मंज़िल तक पहुँचना जूनून है,
मंज़िल पा लेने में ही सुकून है
जैसे कुछ पाने के लिए कुछ खोना पड़ता है,
वैसे मंज़िल पाने के लिए रोना पड़ता है
मंज़िल दूर हो या पास,
पर उससे जुडी तो रहती है आस
मंज़िल तो मिलनी ही है डर किस बात का है,
मुश्किलें तो आनी ही है शक किस बात का है !!!!!

Osm👍❤
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